आज के समय में इन्सान पैसा कमाने के लिए कई तरह के करोबार करते हे. कोई पैसा लगता हे और पैसा कमाने के लिए और कोई किसी के लिया काम करता हे मगर सबका एक ही लक्ष्य होता हे पैसा कम क्र अपने जियन को सुधारना. कई लोग कचरे से भी पैसा कमाते हे, वह उसे बेचते हे या उसकी सफाई करते हे. मगर भारत जहा कचरे को सीधा नदियों में फेक देते हे वह कचरे से पैसा कमाना एक नै बात लगती हे. मगर भारत में कानपूर शहर के 2 युवको ने मिल कर कचरे से 2 करोड़ का कारोबार खड़ा क्र दिया कुछ ही समय में. और आस पास कई लोगो को रोजगार भी दिया.

कचरे से पैसा आखिर कैसे

कानपूर के 2 युवको ने फूलो के कचरे से आज करोड़ो का कारोबार बना लिया हे. जबकि यह फुल रोज कई तरह की नदियों में गिराए जाते थे जिससे नदियो का पानी भी पेर्दुषित होता था और जल जीवन पर भी घर असर पड़ता था. य लोग इस्तेमाल में लाये जा चुके खराब फूलो से अगरबती बनाते हे और जिसे वह बाज़ार में बेच कर आमदनी करते हे. आज वह्कई बड़े शहरों से और मंदिरों से फुलो को इकठा करते हे और उसको मशीनों द्वारा अगरबती बनाते हे.

हुआ परदुषण कम

भारत जहा मंदिरों में रोजाना कई लोग पता नही कितने फुल चडाते हे. वह फुल आखिर खा जाते हे आज तक किसी ने नही सोचा इसके बारे हे. मगर इसके पीछे एक कडवी सच्चाई हे जो हे की ये सारा फुलो का कूड़ा रोजाना आस पास की नदियों में गिराया जाता था, जो एक बड़ी समस्या बनता था. जल जीवन पर इसका घर असर पड़ता था और परदुषण का तो क्या ही कहना. नदियों के आस पास रहने वाले लोग इसे की सबसे बड़ी समस्या का उधारन झेलते थे.

फूलो के कचरे से कारोबार करने की सोच केसे मिली

जब कानपूर के इन 2 युवको से बात करी गयी थो उन्होंने बताया की वह रोज देखते थे की फूलो को रोज शाम को लोग नदियो में फेक देते थे. इससे नदियो में पेर्दुशन के इलावा और कुछ नही होता था. मगर फिर इन्होने फुलो के कचरे को अगरबती बनाने का सोचा. फिर कुछ पेर्शिक्षण और पदाई करने पर वह सफल हुए झा वह अगरबती बनाने में कामियाब हुए. और आज इस अगरबती के कारोबार 2 करोड़ से भी ज्यादा का हो गया हे. और साथ ही साथ लोकल निवासिओ को भी रोजगार मिला हे.

By sumit

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